कहानी: कॉलेज के दिनों में विक्रम और जोया एक-दूसरे को बेइंतहा चाहते थे। लेकिन गलतफहमियों की वजह से उनका ब्रेकअप हो गया। विक्रम शहर छोड़कर विदेश चला गया और जोया अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश करने लगी। दोनों ने कसम खाई थी कि वे कभी एक-दूसरे का चेहरा नहीं देखेंगे।
10 साल बाद, विक्रम एक बड़ी कंपनी का CEO बनकर भारत लौटा। एक बिज़नेस मीटिंग के लिए वह मुंबई गया। मीटिंग रूम में जैसे ही वह दाखिल हुआ, सामने जोया बैठी थी—वह उस प्रोजेक्ट की हेड आर्किटेक्ट थी। दोनों की नज़रें मिलीं, और 10 साल की कड़वाहट एक पल में पिघल गई। मीटिंग प्रोफेशनल थी, लेकिन आँखों में सवाल पुराने थे।
मीटिंग के बाद विक्रम ने जोया को रोका और सिर्फ एक शब्द कहा, “सॉरी”। जोया की आँखों में आँसू आ गए। उसने बताया कि वह गलतफहमी किसी और ने पैदा की थी। वक्त का पहिया घूम चुका था। उन्होंने तय किया कि जो 10 साल उन्होंने नफरत में गंवाए, अब बाकी की जिंदगी वे प्यार में बिताएंगे। कभी-कभी प्यार को दूसरा मौका देना ही सबसे सही फैसला होता है।
