कहानी: यह कहानी है राहुल और स्नेहा की। राहुल को बारिश बिल्कुल पसंद नहीं थी, और स्नेहा को बारिश में भीगना बेहद पसंद था। एक दिन मूसलाधार बारिश हो रही थी। राहुल अपनी बाइक खराब होने के कारण एक बस स्टॉप पर खड़ा झुंझला रहा था। तभी वहां स्नेहा आई, हाथ में एक भीगी हुई छतरी और चेहरे पर मुस्कान।
उसने राहुल को देखा और कहा, “बारिश को कोसने से वो रुकेगी नहीं, बेहतर है इसका मजा लिया जाए।” राहुल को उसकी बात अजीब लगी, लेकिन उसकी मुस्कान ने उसे शांत कर दिया। उस एक घंटे की बारिश में दोनों के बीच ढेर सारी बातें हुईं। नंबर एक्सचेंज हुए, और कॉफ़ी डेट्स का सिलसिला शुरू हुआ।
दो साल बाद, राहुल ने स्नेहा को उसी बस स्टॉप पर प्रपोज किया। लेकिन इस बार बारिश नहीं हो रही थी। राहुल ने फायर ब्रिगेड की मदद से वहां नकली बारिश करवाई। स्नेहा हैरान थी। राहुल ने घुटनों पर बैठकर कहा, “मुझे बारिश आज भी पसंद नहीं, लेकिन इस बारिश में तुम्हारा साथ मुझे दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद है।” स्नेहा ने ‘हाँ’ कह दिया। आज भी जब बारिश होती है, राहुल मुस्कुराता है, बादलों के लिए नहीं, बल्कि स्नेहा के लिए।
