आखिरी कॉल (The Last Call)

कहानी: रिया अपने पति समीर की मौत के गम से उबर नहीं पा रही थी। समीर की कार एक्सीडेंट में मौत हुए 6 महीने बीत चुके थे। रिया ने समीर का फोन अपनी यादों के तौर पर संभाल कर रखा था, जो एक्सीडेंट के बाद से बंद था और पूरी तरह टूट चुका था।

एक रात 2 बजे, रिया के फोन की घंटी बजी। स्क्रीन पर नाम फ्लैश हुआ—”समीर”। रिया का दिल धक से रह गया। उसने कांपते हाथों से फोन उठाया। दूसरी तरफ से कोई आवाज़ नहीं आई, सिर्फ तेज हवाओं और किसी के भारी सांस लेने की आवाज़ आ रही थी। “कौन है?” रिया चिल्लाई। उधर से एक फटी हुई आवाज़ आई, “रिया… मुझे ठंड लग रही है… मुझे यहाँ से निकालो।”

रिया ने तुरंत पुलिस को फोन किया। पुलिस ने कॉल ट्रेस किया। लोकेशन वही थी जहाँ समीर का एक्सीडेंट हुआ था—एक सुनसान घाटी। पुलिस वहां पहुंची, लेकिन वहां कोई नहीं था। तभी इंस्पेक्टर ने ध्यान दिया कि सिग्नल जमीन के नीचे से आ रहे हैं।

खुदाई की गई। वहां समीर की कार दबी हुई मिली, जो खाई में गिरने के बाद मिट्टी में धंस गई थी। जब दरवाजा खोला गया, तो पुलिसवाले सन्न रह गए। समीर की लाश वहां थी, और उसके हाथ में वही टूटा हुआ फोन था। लेकिन सबसे भयानक बात यह थी कि फोन की बैटरी 6 महीने पहले ही निकाल दी गई थी। तो फिर कॉल किसने किया था?

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