राजीव एक ट्रक ड्राइवर था जो अक्सर रात में NH-33 हाईवे से गुज़रता था। उस हाईवे के बारे में मशहूर था कि वहाँ एक औरत लिफ्ट मांगती है। एक तूफानी रात, राजीव का ट्रक रफ़्तार में था। बारिश बहुत तेज़ थी। अचानक उसने देखा कि सड़क के किनारे एक भीगी हुई औरत हाथ दिखा रही है। इंसानियत के नाते राजीव ने ट्रक रोका।
औरत ट्रक में चढ़ी, लेकिन उसने एक शब्द नहीं कहा। उसकी आँखें अजीब सी पथराई हुई थीं। राजीव ने पूछा, “कहाँ जाना है आपको?” उसने सिर्फ आगे की तरफ उंगली से इशारा किया। राजीव गाड़ी चलाता रहा। करीब 20 किलोमीटर चलने के बाद, राजीव ने शीशे (Rear view mirror) में देखा तो उसके होश उड़ गए—पीछे की सीट खाली थी! वह औरत गायब हो चुकी थी।
घबराहट में राजीव ने ब्रेक लगाया। ट्रक रुका, लेकिन इंजन बंद नहीं हुआ। अचानक रेडियो अपने आप चालू हो गया और उसमें से एक ही आवाज़ आने लगी— “तुम मुझे छोड़कर क्यों गए? वापस आओ…” राजीव ने देखा कि ट्रक के सामने वही औरत खड़ी थी, लेकिन इस बार उसका कद 7 फीट लंबा था और उसके पैर उल्टे थे। राजीव ने ट्रक बैक करने की कोशिश की, लेकिन ट्रक पीछे जाने के बजाय अपने आप उस औरत की तरफ बढ़ने लगा।
अगले दिन पुलिस को राजीव का ट्रक एक खाई में गिरा हुआ मिला। राजीव की लाश स्टेयरिंग पर थी, लेकिन उसका चेहरा ऐसे मुड़ा हुआ था जैसे उसने मौत को बहुत करीब से देखा हो। उसकी हथेली पर जले हुए निशान थे, जैसे किसी ने उसे कसकर पकड़ा हो।
